गुरुवार, जनवरी 07, 2010

नए साल में आई.आई.एम.सी

क्या अब द्विवर्षीय पत्रकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का समय आ गया है?
 
इसमें कोई दो राय नहीं है कि आई.आई.एम.सी का मौजूदा एक वर्षीय पत्रकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम न सिर्फ समय की कसौटी पर खरा उतरा है बल्कि उसने समाज और मीडिया जगत में अपनी एक खास और अलग पहचान बनाई है. हमारे विद्यार्थियों ने मीडिया और पत्रकारिता के लगभग हर क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है. 
 
लेकिन बदलते हुए समय के साथ सबको बदलना चाहिए. मीडिया और पत्रकारिता में हो रहे व्यापक बदलावों को ध्यान में रखते हुए क्या आई.आई.एम.सी को अपने पाठ्यक्रमों को और व्यापक और सघन बनाने की जरूरत नहीं है?
 
आप क्या सोचते हैं कि क्या आई.आई.एम.सी को अपने पाठ्यक्रमों में आमूल-चूल बदलाव नहीं करना चाहिए?  ऐसी जरूरत पिछले काफी वर्षों से महसूस की जा रही है कि हमें अपने एक वर्षीय पाठ्यक्रम को अब द्विवर्षीय बनाना चाहिए और विद्यार्थियों को नई चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि पाठ्यक्रम में और गहराई लाई जाये और उसे व्यापक बनाया जाये. 
 
यह नए दौर की मांग है कि  हमें अपने विद्यार्थियों को मल्टी-टास्किंग के लिए तैयार करना चाहिए. आप क्या सोचते हैं? अपनी राय जरूर दीजिये..यह भी बताइए कि हमें अपने नए विद्यार्थियों को और क्या पढाना और बताना चाहिए? आपकी राय हमारे लिए बहुत बेशकीमती है..   
 
आपकी राय का बेसब्री से इंतजार है.

7 टिप्‍पणियां:

Rajesh ने कहा…

yes, it is right time for two year course in iimc for all courses. i think now one year course in not sufficient in iimc, bcoz many things are left without studying during one year course.

Rajesh ने कहा…

It's time to move towards new era. I think it's right time for two year all courses in IIMC. We must go with new world, but without more knowledge we can't move. Duration of one year all courses in IIMC specially for Hindi Journalism are not sufficient. I request to all faculty of IIMC, plz come ahead and change to IIMC with new era.

Rajesh Bharti
IIMC (Hindi Journalism 2008-09)
Danik Bhaskar, Bhopal

रवीन्द्र रंजन ने कहा…

jaroor sir, 2 years course shuru ho jana chahiye tha ab tak.

वेद प्रकाश ने कहा…

निश्चित रूप से सर पाठ्यक्रम को द्विवर्षीय बनाना चाहिए ! क्योंकि ०९ महीनों के कोर्स में छात्र केवल त्वरित सफलता हेतु अधकचरे और आधे अधूरे ज्ञान ही प्राप्त कर पाते हैं !शोधपरक शिक्षा से ही छात्र कुछ बेहतर प्राप्त कर सकते हैं ,और यह ०९ महीनों में संभव नहीं ! पूर्ववर्ती छात्रों के लिए भी इसमें विकल्प होने से उनके कैरियर को भी एक आधार मिल सकता है !

sapne apne ने कहा…

definately course duration must b for two years bcz not only those students who hv done their graduation in journalism bt students from different streams comes in iimc.expansion of course duration will help them to understand the journalism field widely.they will learn a lot in two years.it will help students to hone their skills.
surekha shukla

sapne apne ने कहा…

the duration of course must be for two years bcz not only those students who have done their graduation in journalism bt students of different streams comes in iimc.the expansion of course will provide more time to the students to hone their skills.

चंद्रप्रकाश ने कहा…

बात तो सही है कि कोर्स दो साल का हो जाना चाहिए। लेकिन सवाल इस बात का है कि क्या दो साल का कोर्स करने वाले छात्र नौकरियों की दौड़ में ज्यादा तेजी से दौड़ पाएंगे। दो साल का कोर्स करके छात्रों में थोड़ी अधिक परिपक्वता आएगी, पर कहीं ऐसा तो न हो जाए कि चैनलों, अखबारों के दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते उन पर बहुत ज्यादा 'एकेडमिक' होने का ठप्पा लग जाए। वैसे भी अखबारों और टीवी को क्लर्क और कुली से ज्यादा अक्ल वालों की ज़रूरत नहीं है। IIMC से पढ़कर दूसरी फील्ड में जाने वालों का तो नहीं कह सकता। अखबार और टीवी में मेरा अनुभव यही है। हो सकता है आप लोग सहमत न हों।